1:1 1:2 1:3 Risk Reward Ratio में कौन बेहतर है?

Trading में पैसा कमाना सिर्फ सही stock चुनने से नहीं होता, बल्कि सही ratio चुनने से भी होता है। आपने अक्सर सुना होगा कि traders 1:1, 1:2 या 1:3 ratio की बात करते हैं। लेकिन असली सवाल यही है कि Share Market में trading के लिए konsa ratio behtar hai? यही समझने के लिए यह पूरा गाइड है।
इस article में हम 1:1 1:2 1:3 risk reward ratio in hindi को आसान भाषा में समझेंगे और तीनों की तुलना करेंगे। यहाँ हम सिर्फ definition नहीं देंगे, बल्कि यह बताएँगे कि कौन सा ratio किस situation में काम करता है।
अगर आप beginner हैं या थोड़ा experience रखते हैं, तो यह comparison आपकी decision-making को आसान बना देगा। चलिए, बिना किसी confusion के शुरू करते हैं और हर ratio को practical examples के साथ समझते हैं।
1:1, 1:2 और 1:3 Risk Reward Ratio का मतलब
हर ratio आपको एक simple बात बताता है — आप कितना risk ले रहे हैं और बदले में कितना reward की उम्मीद कर रहे हैं। इससे पहले कि हम 1:1 vs 1:2 vs 1:3 की तुलना करें, हर ratio का मतलब साफ-साफ समझना जरूरी है।
नीचे हम तीनों को अलग-अलग देखेंगे ताकि risk reward ratio comparison hindi में आपके लिए बिल्कुल clear हो जाए। अगर आप यहाँ नए हैं, तो पहले risk reward ratio क्या होता है, यह समझ लेना useful रहेगा।
1:1 Ratio क्या है
1:1 ratio का मतलब है — जितना risk, उतना ही reward।
मान लीजिए आपने एक trade में ₹100 का risk लिया है। तो 1:1 ratio में आपका target भी ₹100 का profit होगा।
यह ratio उन traders के लिए ठीक रहता है जिनकी win rate बहुत high होती है, जैसे scalpers या intraday traders। यहाँ profit छोटा होता है, लेकिन trades बार-बार सही होने चाहिए।
सीधी बात — अगर आप जल्दी और छोटे moves पकड़ते हैं, तो 1:1 आपके लिए काम कर सकता है। लेकिन long-term wealth के लिए यह अकेला काफी नहीं होता।
1:2 Ratio क्या है
1:2 ratio का मतलब है — आप ₹100 का risk लेते हैं और ₹200 का reward target करते हैं।
यह ratio ज़्यादातर traders के लिए एक balanced choice माना जाता है। यहाँ आपकी हर सही trade, दो गलत trades के नुकसान को cover कर लेती है।
इसी वजह से कई experts इसे ideal risk reward ratio की तरफ पहला कदम मानते हैं।
एक practical example लें — अगर आपकी 100 में से सिर्फ 40 trades सही हुईं, फिर भी आप profit में रह सकते हैं। यही चीज़ 1:2 को इतना popular बनाती है, खासकर swing और positional traders के बीच।
1:3 Ratio क्या है
1:3 ratio का मतलब है — ₹100 का risk और ₹300 तक का reward।
यह सबसे aggressive और reward-focused ratio है। यहाँ आपको बहुत सही होने की ज़रूरत नहीं — कम win rate पर भी अच्छा profit बन सकता है।
मान लीजिए 10 में से सिर्फ 4 trades सही हुईं। फिर भी 1:3 ratio आपको overall profitable रख सकता है।
जब लोग पूछते हैं कि best risk reward ratio या risk reward ratio kaun sa चुनें, तो कई experienced traders 1:3 की तरफ इशारा करते हैं। लेकिन इसमें patience और strong setups की ज़रूरत होती है, क्योंकि बड़े targets हमेशा जल्दी hit नहीं होते।
तीनों Ratios की Side-by-Side तुलना
अब जब आपको तीनों ratios का मतलब समझ आ गया है, तो चलिए इन्हें एक साथ रखकर देखते हैं। risk reward ratio comparison hindi में यही step सबसे ज़्यादा मदद करता है, क्योंकि आँखों के सामने तीनों होने से decision आसान हो जाता है।
मान लीजिए हर trade में आप ₹100 का risk लेते हैं:
- 1:1 Ratio → Risk ₹100, Reward ₹100. Profit छोटा, लेकिन trades अक्सर hit होती हैं।
- 1:2 Ratio → Risk ₹100, Reward ₹200. Balanced, यानी एक सही trade दो गलत trades को cover कर ले।
- 1:3 Ratio → Risk ₹100, Reward ₹300. बड़ा reward, लेकिन target hit होने में patience चाहिए।
साफ बात यह है — जैसे-जैसे ratio बढ़ता है, आपका reward बढ़ता है, लेकिन trade सही होने की frequency कम हो सकती है।
इसलिए 1:1 vs 1:2 vs 1:3 का असली फर्क सिर्फ numbers में नहीं, बल्कि आपकी trading habits और patience में छुपा होता है। यही समझकर आप तय कर सकते हैं कि risk reward ratio kaun sa आपके style से मेल खाता है। Risk reward ratio को practically समझने के साथ उसे निकालना आना भी जरूरी है, इसलिए आप Risk Reward Ratio कैसे निकालें यह article भी पढ़ सकते हैं।
Win Rate के साथ कौन सा Ratio बेहतर है?
यहीं पर असली खेल शुरू होता है। सिर्फ ratio देखना काफी नहीं — आपको अपनी win rate भी देखनी होगी। Win rate यानी 100 trades में से कितनी सही होती हैं।
एक simple example से समझते हैं:
- 1:1 Ratio: यहाँ profit में रहने के लिए आपकी win rate कम से कम 50% से ऊपर होनी चाहिए। मतलब हर दूसरी trade सही होनी ज़रूरी है।
- 1:2 Ratio: यहाँ सिर्फ 35-40% win rate पर भी आप profit में रह सकते हैं। एक सही trade दो नुकसान भर देती है।
- 1:3 Ratio: यहाँ तो 30% win rate भी काफी है। 10 में से 3 trades सही हों, फिर भी account green रह सकता है।
अब आप खुद सोचिए — अगर आपकी win rate कम है, तो ऊँचा ratio आपको बचा सकता है। और अगर win rate high है, तो छोटा ratio भी काम कर जाता है।
इसलिए best risk reward ratio वही है जो आपकी win rate के साथ fit बैठे। यही कारण है कि किसी एक ratio को सबके लिए ideal risk reward ratio कहना गलत है।
किस Trader के लिए कौन सा Ratio सही है?
हर trader की style अलग होती है, इसलिए सबके लिए एक ही जवाब नहीं चलता। चलिए अलग-अलग traders के हिसाब से देखते हैं कि उनके लिए konsa ratio behtar hai।
Beginners के लिए
अगर आप नए हैं, तो शुरुआत 1:2 ratio से करना सबसे समझदारी भरा कदम है।
इसकी वजह simple है — 1:2 में आपको perfect होने की ज़रूरत नहीं। थोड़ी गलतियाँ होने पर भी account safe रहता है। इससे आप बिना दबाव के सीखते रहते हैं और confidence बढ़ता है।
1:3 शुरुआत में थोड़ा मुश्किल लग सकता है क्योंकि बड़े targets जल्दी hit नहीं होते, और beginners अक्सर patience खो देते हैं। इसलिए 1:2 एक safe starting point है।
Intraday Traders के लिए
Intraday में moves तेज़ और छोटे होते हैं, इसलिए यहाँ 1:1 या 1:2 ज़्यादा practical रहता है।
मान लीजिए आप दिन में कई trades लेते हैं और जल्दी exit करते हैं। ऐसे में 1:1 आपको frequent छोटे profits देता है, बशर्ते आपकी win rate अच्छी हो।
जिन intraday traders का setup थोड़ा strong होता है, वे 1:2 पकड़कर थोड़ा बड़ा reward निकाल सकते हैं। लेकिन 1:3 intraday में कम काम करता है, क्योंकि दिन के अंदर इतना बड़ा move हमेशा नहीं मिलता।
Swing Traders के लिए
Swing trading में आप trade को कुछ दिन या हफ्ते तक hold करते हैं, इसलिए यहाँ 1:3 ratio सबसे ज़्यादा फायदेमंद रहता है।
बड़े timeframe में price को बड़ा move करने का समय मिल जाता है। इसी वजह से swing traders कम win rate पर भी अच्छा profit बना लेते हैं।
अगर setup थोड़ा conservative है, तो 1:2 भी बढ़िया चलता है। लेकिन overall, swing traders के लिए ऊँचा ratio ज़्यादा natural fit बैठता है।
तो जब बात 1:1 1:2 1:3 risk reward ratio in hindi की आती है, तो याद रखिए — सही जवाब आपके trading style से ही निकलता है, किसी fixed formula से नहीं। Swing trading में best ratio तभी अच्छे से काम करता है जब आप सही timeframe भी चुनें, और इसे detail में समझने के लिए आप Swing Trading के लिए Best Timeframe कौन सा है यह article पढ़ सकते हैं।
Example — तीनों Ratios की असली तुलना
अब theory बहुत हो गई, चलिए एक असली scenario से तीनों ratios को compare करते हैं। इससे 1:1 vs 1:2 vs 1:3 का फर्क आपको साफ-साफ दिख जाएगा।
मान लीजिए आपने 10 trades लीं और हर trade में ₹100 का risk लिया। अब देखते हैं हर ratio में result क्या निकलता है।
Scenario: हर trade में ₹100 risk, win rate 40% (यानी 10 में से 4 trades सही)
1:1 Ratio
- 4 winning trades × ₹100 = +₹400
- 6 losing trades × ₹100 = −₹600
- Net result: −₹200 (नुकसान में)
1:2 Ratio
- 4 winning trades × ₹200 = +₹800
- 6 losing trades × ₹100 = −₹600
- Net result: +₹200 (profit में)
1:3 Ratio
- 4 winning trades × ₹300 = +₹1,200
- 6 losing trades × ₹100 = −₹600
- Net result: +₹600 (सबसे ज़्यादा profit)
देखा आपने? एक ही win rate पर तीनों के result कितने अलग हैं। इसी example में 1:1 घाटे में चला गया, जबकि 1:3 ने सबसे अच्छा profit दिया।
लेकिन यहाँ एक catch है। यह example मानकर चल रहा है कि सभी trades आसानी से target तक पहुँच गईं। असल में 1:3 के बड़े targets हमेशा hit नहीं होते, इसलिए असली win rate थोड़ी कम भी हो सकती है।
यही वजह है कि risk reward ratio comparison में सिर्फ numbers देखना काफी नहीं — आपको अपनी असली win rate और market conditions भी साथ में रखनी होती हैं। तभी पता चलता है कि आपके लिए risk reward ratio kaun sa सही बैठेगा।
निष्कर्ष — कौन बेहतर है?
तो अब सीधा सवाल — आखिर konsa ratio behtar hai?
ईमानदारी से कहें तो इसका कोई एक fixed जवाब नहीं है। 1:1 1:2 1:3 risk reward ratio को समझने के बाद यही बात सबसे ज़रूरी है कि सही ratio आपकी अपनी trading पर depend करता है, किसी formula पर नहीं।
छोटा सा summary देख लीजिए:
- अगर आपकी win rate high है और आप जल्दी exit करना पसंद करते हैं, तो 1:1 आपके लिए काम कर सकता है।
- अगर आप balance चाहते हैं और beginner या intermediate हैं, तो 1:2 सबसे safe और practical choice है।
- अगर आपके पास patience और strong setups हैं, तो 1:3 आपको कम win rate पर भी बड़ा फायदा दे सकता है।
इसीलिए किसी एक ratio को सबके लिए best risk reward ratio कहना सही नहीं होगा। आपके लिए ideal risk reward ratio वही है जो आपकी win rate, trading style, patience और setup quality के साथ fit बैठे।
मेरी सलाह — पहले अपने पिछले trades का record देखिए। अपनी असली win rate निकालिए और फिर ऊपर दिए गए example से match कीजिए। जैसे ही आपको अपनी win rate का अंदाज़ा होगा, सही ratio खुद-ब-खुद clear हो जाएगा। सबसे ज़रूरी बात — जो भी ratio चुनें, उसमें discipline बनाए रखें। बार-बार ratio बदलते रहने से consistency टूटती है, और trading में असली profit consistency से ही आता है।
FAQ
मै Anand Kumar और ब्लॉग का नाम TradingTrick है।
“Trading aur investment ko sikhne or asaan banane ke liye practical tips aur strategies share karta hoon. Yahan aapko stock market ke basics se lekar advanced trading tricks tak sab kuch milega, jo aapke financial goals ko achieve karne me madad karega.”

