Risk Reward Ratio और Position Sizing का Relation
Trading में सबसे बड़ा सवाल अक्सर यह नहीं होता कि किस stock में entry लें। असली सवाल यह है — एक trade में कितना पैसा लगाएँ? यहीं ज्यादातर traders मार खा जाते हैं। अच्छा setup होने के बावजूद, गलत size की वजह से account जल्दी खाली हो जाता है।

इस article में हम position sizing in hindi को बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे और देखेंगे कि यह आपके risk reward ratio से कैसे जुड़ा है। यहाँ सिर्फ theory नहीं मिलेगी, बल्कि practical logic और simple examples के साथ हर बात clear होगी।
अगर आप beginner हैं या थोड़ा experience रखते हैं, तो यह समझ आपकी trading को survive करने में मदद करेगी। क्योंकि सच यही है — सही ratio भी बेकार है, अगर position size गलत हो। चलिए शुरू करते हैं।
Position Sizing क्या होती है?
सीधी बात — position sizing kya hota hai? यह तय करना कि एक trade में आप कितने shares या कितना capital लगाएँगे। बस इतना ही।
मान लीजिए आपके पास ₹1,00,000 का capital है। अब सवाल यह है कि एक trade में आप पूरा लगाएँ, आधा लगाएँ, या सिर्फ ₹10,000? यही decision position sizing कहलाता है।
बहुत से नए traders एक ही trade में पूरा capital झोंक देते हैं। एक trade गलत हुई, और account 30-40% नीचे आ जाता है। फिर उस नुकसान से उबरना बहुत मुश्किल हो जाता है।
समझदार trader इसके उल्टा करता है। वह पहले तय करता है कि एक trade में वह कितना नुकसान झेल सकता है, और उसी हिसाब से size तय करता है। यही असली capital management trading का base है।
Key takeaway: Position sizing का मतलब है — सोच-समझकर तय करना कि हर trade में कितना पैसा लगाना सुरक्षित है।
Risk Reward Ratio और Position Sizing का संबंध
अब असली मुद्दे पर आते हैं — risk reward aur position size का आपस में क्या रिश्ता है?
दोनों एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। Risk reward ratio बताता है कि एक trade में आप कितना risk लेकर कितना reward target कर रहे हैं। Position sizing बताती है कि उस risk को rupees में आप कितना बड़ा रखेंगे।
एक example से समझिए। मान लीजिए आपका ratio बढ़िया है — 1:3। लेकिन अगर आपने एक trade में इतना बड़ा position ले लिया कि stop loss hit होते ही account 25% गिर जाए, तो वह अच्छा ratio भी आपको नहीं बचाएगा।
इसके उल्टा, अगर आपका position size सही है और हर trade में आप अपने capital का सिर्फ छोटा हिस्सा risk करते हैं, तो कुछ गलत trades के बाद भी आप game में बने रहते हैं।
सीधी बात — ratio आपको बताता है कि trade करनी चाहिए या नहीं। Position size आपको बताती है कि उस trade को कितना बड़ा रखना है। दोनों मिलकर ही असली money management trading बनाते हैं।
Key takeaway: अच्छा ratio आपको profit का मौका देता है, लेकिन सही position size आपको market में टिकाए रखती है।
Position Size कैसे Calculate करें?
अब बात करते हैं असली calculation की। घबराइए मत, इसमें कोई जटिल formula नहीं है। बस दो चीज़ें तय करनी हैं — आप एक trade में कितना risk लेंगे, और आपका stop loss कितना दूर है।
इन्हीं दोनों से आपका position size निकल आता है। चलिए step by step देखते हैं।
Per Trade Risk तय करें
सबसे पहला step है — per trade risk hindi में समझना। यानी एक trade में आप कुल capital का कितना हिस्सा गँवाने को तैयार हैं।
ज्यादातर experienced traders एक trade में अपने capital का सिर्फ 1% से 2% risk करते हैं। इससे ज्यादा नहीं।
मान लीजिए आपके पास ₹1,00,000 हैं और आप per trade 2% risk लेते हैं।
- आपका max risk per trade = ₹1,00,000 का 2% = ₹2,000
मतलब, चाहे कुछ भी हो जाए, एक trade में आप ₹2,000 से ज्यादा नहीं गँवाएँगे। अगर 5 trades लगातार गलत भी हुईं, तब भी आपका सिर्फ ₹10,000 गया, यानी capital का 10%। आप अब भी comfortably trading कर सकते हैं।
यही छोटा-सा rule आपको बड़े नुकसान से बचाता है।
Key takeaway: पहले तय करें कि एक trade में कितने rupees का नुकसान चलेगा — आमतौर पर capital का 1-2%।
Stop Loss Distance के आधार पर Size
अब दूसरा step। जब per trade risk तय हो गया, तो position size आपके stop loss की दूरी पर depend करती है।
Formula simple है:
Position Size (shares) = Per Trade Risk ÷ (Entry Price − Stop Loss)
एक example से देखते हैं। मान लीजिए:
- आपका per trade risk = ₹2,000
- Entry Price = ₹500
- Stop Loss = ₹480
- Per share risk = ₹500 − ₹480 = ₹20
अब position size निकालिए:
- Position Size = ₹2,000 ÷ ₹20 = 100 shares
मतलब आप 100 shares खरीद सकते हैं। अगर trade गलत हुई और stop loss hit हुआ, तो आपका नुकसान ठीक ₹2,000 ही होगा — न एक रुपया ज्यादा।
अब एक और case देखिए। अगर आपका stop loss पास है, मान लीजिए सिर्फ ₹10 की दूरी पर, तो:
- Position Size = ₹2,000 ÷ ₹10 = 200 shares
देखा आपने? जब stop loss पास होता है, आप ज्यादा shares ले सकते हैं। जब stop loss दूर होता है, shares कम हो जाते हैं। लेकिन दोनों cases में आपका risk वही ₹2,000 रहता है।
यही असली तरीका है position size calculate करने का। इसमें आपकी risk हमेशा control में रहती है, चाहे stock कोई भी हो।
Key takeaway: Position size = per trade risk ÷ per share risk। Stop loss जितना पास, size उतनी बड़ी — पर कुल risk हमेशा fixed।
Example — Ratio और Position Size साथ में
अब तक हमने ratio और position size अलग-अलग समझे। चलिए, एक असली scenario में दोनों को एक साथ देखते हैं। यहीं risk reward aur position size का पूरा खेल साफ हो जाता है।
मान लीजिए आपके पास ₹2,00,000 का capital है। आप एक trade लेने वाले हैं और सब कुछ पहले से plan करते हैं।
आपका Trade Setup:
- Capital: ₹2,00,000
- Per Trade Risk: 1% = ₹2,000
- Entry Price: ₹400
- Stop Loss: ₹390
- Target: ₹430
अब step by step calculate करते हैं।
Step 1 — Per share risk निकालिए
₹400 − ₹390 = ₹10
Step 2 — Position size calculate करें
₹2,000 ÷ ₹10 = 200 shares
Step 3 — Risk Reward Ratio निकालिए
- Risk = ₹400 − ₹390 = ₹10
- Reward = ₹430 − ₹400 = ₹30
- Ratio = 10 : 30 = 1:3
अब पूरी तस्वीर देखिए:
- अगर trade गलत हुई → नुकसान = 200 × ₹10 = ₹2,000 (बिल्कुल आपके plan जितना)
- अगर trade सही हुई → profit = 200 × ₹30 = ₹6,000
देखा आपने? एक ही trade में आपका risk सिर्फ ₹2,000 तक सीमित रहा, लेकिन reward का मौका ₹6,000 का था। यही होता है जब अच्छा ratio और सही position size साथ काम करते हैं।
Key takeaway: पहले per trade risk तय कीजिए, फिर stop loss की दूरी से position size calculate कीजिए, और साथ में ratio check कीजिए। तीनों मिलकर ही एक safe trade बनाते हैं।
गलत Position Sizing से क्या नुकसान होता है?
अच्छा ratio और सही analysis होने के बावजूद कई traders घाटे में रहते हैं। वजह अक्सर एक ही होती है — गलत position size। चलिए देखते हैं कि यह कैसे आपको नुकसान पहुँचाती है।
1. बहुत बड़ा position लेना (Oversized Position)
यह सबसे आम और सबसे खतरनाक गलती है। मान लीजिए आपके पास ₹2,00,000 हैं और आप एक ही trade में ₹1,50,000 लगा देते हैं। अगर वह stock सिर्फ 10% गिर गया, तो आपका ₹15,000 चला गया — यानी capital का लगभग 7.5%।
ऐसी एक-दो गलत trades आपके account को इतना नीचे ले आती हैं कि वापस उबरना बहुत मुश्किल हो जाता है। बड़ा position मतलब बड़ा नुकसान, चाहे ratio कितना भी अच्छा हो।
2. Emotional trading में फँस जाना
जब position बहुत बड़ा होता है, तो हर छोटी सी price movement पर दिल धड़कने लगता है। थोड़ा सा loss दिखते ही आप घबराकर बाहर निकल जाते हैं, या डर के मारे stop loss हटा देते हैं।
यही emotional trading आपके सारे plan को बर्बाद कर देती है। छोटा position आपको शांत रखता है, और शांत trader ही सही decision लेता है।
3. Fixed risk को नज़रअंदाज़ करना
बहुत से लोग हर trade में अलग-अलग amount लगाते हैं — कभी ₹5,000, कभी ₹50,000, बिना किसी rule के। इससे आपका per trade risk hindi का पूरा concept बिखर जाता है।
जब risk fixed नहीं होता, तो एक बड़ी गलत trade आपकी कई अच्छी trades का सारा profit खा जाती है। यही वजह है कि disciplined money management trading में हर trade का risk एक जैसा रखा जाता है।
Key takeaway: बड़ा position, emotional decisions, और बिना rule का risk — यही तीन चीज़ें अच्छे setup को भी घाटे में बदल देती हैं।
सही Capital Management के Tips
अब बात करते हैं practical tips की, जो आपकी trading को safe और consistent बनाती हैं। ये नियम simple हैं, लेकिन इनका असर बहुत बड़ा होता है। अगर आप अभी सीख रहे हैं, तो capital management trading की ये बातें गाँठ बाँध लीजिए।
- हर trade में 1-2% से ज्यादा risk मत कीजिए। यह सबसे ज़रूरी नियम है। चाहे setup कितना भी “पक्का” लगे, इस limit को मत तोड़िए।
- हमेशा पहले risk तय कीजिए, फिर size। Trade लेने से पहले decide कीजिए कि आप कितने rupees गँवा सकते हैं। उसी हिसाब से position size calculate कीजिए, उल्टा नहीं।
- Stop loss कभी मत हटाइए। Loss बढ़ता देखकर stop loss पीछे खिसकाना सबसे महँगी आदत है। एक बार जो risk तय किया, उसी पर टिके रहिए।
- एक साथ बहुत सारी trades मत लीजिए। अगर आपकी 5 trades एक साथ खुली हैं और हर एक में 2% risk है, तो असल में आप 10% capital risk कर रहे हैं। कुल खुला risk गिनना मत भूलिए।
- Profit का एक हिस्सा अलग रखिए। हर महीने या हर अच्छी trade के बाद थोड़ा profit निकालकर अलग रखिए। इससे आपका base capital धीरे-धीरे मज़बूत होता है।
- Losing streak में size घटाइए। अगर लगातार trades गलत हो रही हैं, तो position छोटा कर दीजिए। इससे आप confidence वापस आने तक game में बने रहते हैं।
Key takeaway: सही money management trading का मतलब है — risk fixed रखना, stop loss का सम्मान करना, और कुल exposure पर नज़र रखना।
निष्कर्ष
तो अब आपने देख लिया कि risk reward ratio और position sizing अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही टीम के दो खिलाड़ी हैं। एक आपको बताता है कि trade करने लायक है या नहीं, और दूसरा बताता है कि उस trade को कितना बड़ा रखना safe है।
अगर आप अभी तक सोच रहे थे कि position sizing kya hota hai और यह इतना ज़रूरी क्यों है, तो जवाब साफ है — यही चीज़ आपको market में लंबे समय तक टिकाए रखती है।
छोटा-सा summary याद रखिए:
- पहले per trade risk तय कीजिए (capital का 1-2%)
- Stop loss की दूरी से position size calculate कीजिए
- साथ में ratio check कीजिए ताकि reward, risk से बड़ा हो
अब अगला कदम simple है। अपनी अगली trade से पहले रुकिए, एक कागज़ पर ये तीन numbers लिखिए — risk, position size, और ratio। जब तक तीनों आपके favour में न हों, trade मत लीजिए। यही छोटी-सी आदत आपको बड़े नुकसान से बचाएगी और धीरे-धीरे आपकी trading को ज्यादा disciplined और profitable बना देगी। अच्छा ratio आपको मौका देता है, लेकिन सही position size ही आपको खिलाड़ी बनाए रखती है।
FAQ
Position sizing in Hindi क्या है?
Position sizing का मतलब है — हर trade में कितना पैसा लगाना है, यह तय करना। यह एक risk management तकनीक है जो आपके capital को बड़े नुकसान से बचाती है। सही position size आपको market में लंबे समय तक टिके रहने में मदद करती है।
एक trade में कितना पैसा लगाना चाहिए?
यह आपके total trading capital और risk tolerance पर निर्भर करता है। अधिकतर professional traders अपने capital का सिर्फ 1%–2% एक trade में risk करते हैं। उदाहरण के लिए, ₹1,00,000 capital पर per trade risk ₹1,000–₹2,000 होना चाहिए।
Position size कैसे calculate करें?
Position size निकालने का formula है: Position Size = Risk Amount ÷ (Entry Price – Stop Loss Price)। मान लीजिए आपका risk ₹1,000 है और stop loss ₹10 का है, तो आप 100 shares खरीद सकते हैं। यह formula आपको exact quantity बताता है जो आपको लेनी चाहिए।
Per trade risk कितना होना चाहिए?
Per trade risk आपके total capital का 1%–2% से ज़्यादा नहीं होना चाहिए। यह rule आपको एक बड़े loss से पूरी तरह बर्बाद होने से बचाता है। Beginners के लिए 1% का rule सबसे safe और practical है।
Risk reward ratio और position sizing में क्या संबंध है?
Risk reward ratio यह बताता है कि आप कितने risk पर कितना profit expect कर रहे हैं — जैसे 1:2 या 1:3। Position sizing इसी risk amount को define करती है, यानी दोनों मिलकर एक complete trade plan बनाते हैं। बिना सही position size के, अच्छा risk reward ratio भी काम नहीं करता।
क्या beginners को हर trade में 1% risk लेना चाहिए?
हाँ — beginners के लिए 1% rule सबसे बेहतर starting point है। यह छोटे losses को tolerable बनाता है और आपको experience लेने का मौका देता है बिना बड़े नुकसान के। जैसे-जैसे confidence और skill बढ़े, तब risk को adjust किया जा सकता है।
Stop loss के आधार पर position size कैसे तय करें?
Stop loss-based position sizing में पहले तय करें कि आप एक trade में कितना पैसा खोने को तैयार हैं। फिर entry और stop loss के बीच का अंतर निकालें और उसे risk amount से divide करें। यह method सबसे practical और widely used है क्योंकि यह हर trade को आपकी actual risk capacity के हिसाब से size करती है।
मै Anand Kumar और ब्लॉग का नाम TradingTrick है।
“Trading aur investment ko sikhne or asaan banane ke liye practical tips aur strategies share karta hoon. Yahan aapko stock market ke basics se lekar advanced trading tricks tak sab kuch milega, jo aapke financial goals ko achieve karne me madad karega.”

