Share Market में 1:2 Risk Reward Ratio का मतलब क्या है?

Share market में trade लेना आसान लगता है, लेकिन असली सवाल यह है — एक trade में आप कितना risk ले रहे हैं और बदले में कितना कमाने की उम्मीद रखते हैं? यहीं से profit और loss की कहानी शुरू होती है। बहुत से नए traders सिर्फ “stock ऊपर जाएगा” सोचकर पैसा लगा देते हैं, बिना यह सोचे कि अगर गलत हुआ तो क्या होगा।
इस article में हम 1:2 risk reward ratio meaning को बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे। यहाँ कोई जटिल जुबान नहीं होगी, सिर्फ सीधी-सादी बात और एक simple example।
अगर आप beginner हैं और risk reward सुनते ही confuse हो जाते हैं, तो यह guide खास आपके लिए है। पढ़ने के बाद आप समझ जाएँगे कि “1:2” का असल मतलब क्या है और यह आपकी trading को कैसे safe बनाता है। चलिए, शुरू करते हैं।
1:2 Risk Reward Ratio का मतलब क्या है?
सीधी बात — 1:2 risk reward ratio kya hai? इसका मतलब है कि आप एक trade में जितना risk लेते हैं, उसका दोगुना reward target करते हैं।
यानी अगर आप ₹100 गँवाने का risk ले रहे हैं, तो आपका लक्ष्य ₹200 कमाने का है। बस यही है पूरी कहानी।
इसे लोग आम भाषा में “ek do ka ratio” भी कहते हैं — एक हिस्सा risk, दो हिस्से reward। यह number आपको पहले ही बता देता है कि trade करने लायक है या नहीं।
असल में risk reward ratio meaning इतना ही है — एक छोटा-सा comparison कि आप कितना दाँव पर लगा रहे हैं बनाम कितना पाने की उम्मीद रखते हैं। और 1:2 का मतलब है, हर एक रुपये के risk पर दो रुपये का मौका।
यही वजह है कि share market risk reward की दुनिया में 1:2 ratio को एक balanced और beginner-friendly choice माना जाता है। न बहुत छोटा, न बहुत बड़ा — बिल्कुल बीच का safe रास्ता।
Key takeaway: 1:2 ratio यानी ₹1 का risk और ₹2 का reward — एक सरल नियम जो हर trade को पहले से ही सोच-समझकर लेने में मदद करता है।
1:2 Ratio को आसान भाषा में समझें
अब इस “1” और “2” को थोड़ा खोलकर देखते हैं। जब आप दोनों numbers का असली मतलब अलग-अलग समझ जाएँगे, तो पूरा concept एकदम clear हो जाएगा।
चलिए, एक simple share market वाले example के साथ दोनों को समझते हैं।
“1” का मतलब (आपका Risk)
इस ratio में “1” आपका risk है। यानी अगर trade गलत हो जाए, तो आप कितना पैसा गँवाने के लिए तैयार हैं।
एक example लीजिए। मान लीजिए आपने किसी stock को ₹500 पर खरीदा। अब आपने तय किया कि अगर price ₹480 तक गिर गई, तो आप बाहर निकल जाएँगे। यानी आपका stop loss ₹480 पर है।
तो आपका risk हुआ ₹500 − ₹480 = ₹20 per share।
यही “1” है। यह वो रकम है जो गलत होने पर आपके हाथ से जाएगी। समझदार trader हमेशा पहले यही तय करता है — पैसा कमाने से पहले यह सोचता है कि वह कितना खो सकता है।
Key takeaway: “1” यानी आपका risk — वह रकम जो trade गलत होने पर आप गँवाएँगे, जिसे stop loss से तय किया जाता है।
“2” का मतलब (आपका Reward)
अब आते हैं “2” पर। यह आपका reward है, यानी trade सही होने पर आप कितना कमाएँगे। 1:2 ratio में यह आपके risk का दोगुना होता है।
उसी example को आगे बढ़ाते हैं। आपका risk था ₹20 per share। तो 1:2 ratio के हिसाब से आपका reward होगा इसका दोगुना — यानी ₹40 per share।
मतलब आपका target price होगा ₹500 + ₹40 = ₹540।
तो अब पूरी तस्वीर यह बनी:
- Entry: ₹500
- Stop Loss: ₹480 (risk ₹20)
- Target: ₹540 (reward ₹40)
यही है असली 1 ratio 2 risk reward — ₹20 गँवाने का risk, और ₹40 कमाने का मौका। यह एक बेहद आसान 1:2 ratio example trading का तरीका है, जिसे कोई भी beginner समझ सकता है।
इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि अगर आपकी आधी trades भी सही हुईं, तब भी आप profit में रहेंगे। क्योंकि एक सही trade दो गलत trades के नुकसान को आराम से cover कर लेती है।
Key takeaway: “2” यानी आपका reward — risk का दोगुना, जो एक सही trade को कई गलत trades पर भारी बना देता है।
1:2 Risk Reward Ratio का Example
चलिए, एक आसान example से इसे और साफ करते हैं। इससे 1:2 ratio example trading का पूरा गणित आपके सामने खुल जाएगा।
मान लीजिए आपने एक stock में यह trade plan की:
- Entry Price: ₹1,000
- Stop Loss: ₹970 (risk ₹30)
- Target: ₹1,060 (reward ₹60)
अब देखिए — risk ₹30 है और reward ₹60। यानी ratio हुआ 30:60, जो simplify करने पर 1:2 बन जाता है।
अब मान लीजिए आपने इस trade में 50 shares लिए:
- अगर trade गलत हुई → नुकसान = 50 × ₹30 = ₹1,500
- अगर trade सही हुई → profit = 50 × ₹60 = ₹3,000
देखा आपने? एक सही trade आपको दो गलत trades के नुकसान से बचा लेती है। यही असली 1 ratio 2 risk reward की खूबी है — risk छोटा, reward उसका दोगुना।
Key takeaway: Entry, stop loss और target पहले से तय कीजिए, फिर ratio निकालिए — 1:2 में reward हमेशा risk का दोगुना रहता है।
1:2 Ratio क्यों Popular है?
अब सवाल यह है कि इतने सारे ratios में से traders 1:2 को इतना पसंद क्यों करते हैं? इसके कुछ ठोस कारण हैं।
पहली वजह है balance। यह न बहुत छोटा है, न बहुत बड़ा। 1:1 जितना सीमित नहीं, और 1:3 जितना मुश्किल भी नहीं। बीच का यही रास्ता beginners के लिए सबसे आरामदायक रहता है।
दूसरी वजह है realistic targets। 1:2 का target entry से बहुत दूर नहीं होता। इसलिए वह market में अक्सर hit हो जाता है, चाहे intraday हो या swing।
तीसरी वजह है mental peace। जब आपको पता हो कि एक सही trade दो गलत trades को cover कर सकती है, तो आप ज़्यादा शांत रहते हैं। यही शांति बेहतर decisions की नींव है।
यही वजह है कि share market risk reward सीखते वक्त ज़्यादातर experts शुरुआत के लिए 1:2 ratio ही suggest करते हैं।
Key takeaway: 1:2 ratio इसलिए popular है क्योंकि यह balanced, realistic और beginner-friendly है — न बहुत छोटा, न बहुत बड़ा।
1:2 Ratio में Win Rate का Role
अब एक ज़रूरी बात समझिए, जो ज़्यादातर नए traders नहीं जानते। 1:2 ratio में आपको profitable रहने के लिए बहुत ऊँची win rate की ज़रूरत नहीं होती।
चलिए, simple math से देखते हैं। मान लीजिए आपने 10 trades लीं और हर trade में ₹100 का risk लिया।
अगर आपकी सिर्फ 4 trades सही हुईं (40% win rate):
- 4 सही trades × ₹200 = +₹800
- 6 गलत trades × ₹100 = −₹600
- Net result: +₹200
देखा आपने? आधे से भी कम trades सही होने पर भी आप profit में रहे। यही 1:2 ratio की असली ताकत है। क्योंकि हर सही trade आपको दोगुना देती है, इसलिए कुछ गलत trades भी आपको घाटे में नहीं ले जातीं।
इसका मतलब यह नहीं कि win rate बेकार है। अगर आपकी win rate और बढ़े, तो profit भी और बढ़ेगा। लेकिन 1:2 आपको एक safety cushion देता है, ताकि perfect होना ज़रूरी न रहे।
Key takeaway: 1:2 ratio में 40-50% win rate पर भी profit संभव है, क्योंकि हर सही trade दो गलत trades का नुकसान संभाल लेती है।
क्या 1:2 हर Trade के लिए सही है?
अब ईमानदारी से एक सवाल — क्या आपको हर trade में 1:2 ही रखना चाहिए? सच यह है कि नहीं। यह depend करता है market की condition और आपके setup की quality पर।
देखिए, 1:2 एक बढ़िया default choice है, लेकिन यह कोई पत्थर की लकीर नहीं। कुछ situations में यह perfect बैठता है, कुछ में नहीं।
1:2 इन situations में अच्छा काम करता है:
- जब market में हल्का trend हो और price को थोड़ा move करने का मौका मिले।
- जब आपका next resistance या target zone entry से उचित दूरी पर हो।
- जब setup साफ हो और आप confident हों।
1:2 इन situations में मुश्किल हो सकता है:
- जब market पूरी तरह sideways हो और price उतना move ही न करे। यहाँ शायद 1:1.5 ज़्यादा realistic रहे।
- जब strong trend चल रहा हो और बड़ा move possible हो। यहाँ 1:3 का मौका छोड़ना समझदारी नहीं।
सीधी बात — 1:2 risk reward ratio kya hai, यह जानना पहला कदम है। लेकिन असली समझदारी इसे market के हिसाब से लागू करने में है। ज़बरदस्ती हर trade में 1:2 ठूँसने के बजाय, पहले chart देखिए कि realistic target कहाँ तक संभव है।
Key takeaway: 1:2 एक मज़बूत starting point है, लेकिन सही ratio हमेशा market condition और setup quality पर depend करता है।
निष्कर्ष
तो अब आपके सामने पूरी तस्वीर साफ है। 1:2 risk reward ratio meaning in hindi असल में बहुत simple है — आप ₹1 का risk लेते हैं और ₹2 कमाने का target रखते हैं। बस इतनी-सी बात।
इसे लोग आम भाषा में ek do ka ratio भी कहते हैं, और यही beginners के लिए सबसे balanced शुरुआत मानी जाती है।
छोटा-सा summary याद रखिए:
- “1” आपका risk है — जो stop loss से तय होता है।
- “2” आपका reward है — risk का दोगुना, जो target से तय होता है।
- 40-50% win rate पर भी profit संभव है, क्योंकि एक सही trade दो गलत trades को cover कर लेती है।
- हर trade में 1:2 ज़रूरी नहीं — market की condition के हिसाब से इसे adjust कीजिए।
अब अगला कदम बिल्कुल आसान है। अपनी अगली trade से पहले रुकिए और तीन numbers लिखिए — entry, stop loss और target। फिर देखिए कि reward, risk का दोगुना बन रहा है या नहीं। अगर हाँ, तो आपके पास एक बढ़िया 1:2 setup है। अगर नहीं, तो थोड़ा रुककर बेहतर मौके का इंतज़ार कीजिए। यही छोटी-सी आदत, यानी risk reward ratio meaning को सच में समझकर इस्तेमाल करना, आपकी trading को धीरे-धीरे ज़्यादा disciplined और profitable बना देगी। निवेश से पहले SEBI की investor education guide ज़रूर पढ़ें
FAQ
क्या 1:2 Ratio Options में काम करता है?
हाँ, लेकिन options में premium decay और volatility की वजह से इसे सावधानी से apply करना चाहिए.
1:2 या 1:3 बेहतर कौन है?
1:2 ज़्यादा practical है, जबकि 1:3 ज़्यादा reward दे सकता है लेकिन hit करना मुश्किल होता है.
Risk Reward में common mistakes क्या हैं?
Target जल्दी book करना, stop loss हटाना, और बिना plan के ratio बनाना सबसे common mistakes हैं.
1:2 ratio follow करना मुश्किल क्यों लगता है?
क्योंकि fear aur greed ki wajah se trader plan ke hisaab se trade hold nahi kar pata.
क्या हर trade में 1:2 जरूरी है?
नहीं, लेकिन long term में average ratio 1:2 या उससे बेहतर होना फायदेमंद रहता है.
मै Anand Kumar और ब्लॉग का नाम TradingTrick है।
“Trading aur investment ko sikhne or asaan banane ke liye practical tips aur strategies share karta hoon. Yahan aapko stock market ke basics se lekar advanced trading tricks tak sab kuch milega, jo aapke financial goals ko achieve karne me madad karega.”

